Youth Ki Awaaz
30 June, 2023
यह आम धारणा है कि धूम्रपान आपके स्ट्रेस को काम करता है। लेकिन असल में धूम्रपान चिंता, तनाव और डिप्रेशन को बढ़ाता है। धूम्रपान करने वालों में समय के साथ डिप्रेशन बढ़ने की संभावना होती है।
स्मोकिंग से डिप्रेशन बढ़ने की संभावना
कई शोध बताते हैं धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में धूम्रपान करने वाले लोगों में डिप्रेशन की संभावना दोगुनी होती है। जिन लोगों ने कभी धूम्रपान नहीं किया, उनमें चिंता और डिप्रेशन कम होता है।
प्रिस्टिना विश्वविद्यालय द्वारा किया गया एक शोध बताता है धूम्रपान करने वाले 14% लोगों को डिप्रेशन था, जबकि उनके धूम्रपान न करने वाले साथियों में से केवल 4% को डिप्रेशन था।
डिप्रेशन से जूझ रहे व्यक्ति की दोहरी लड़ाई
चिंता या डिप्रेशन वाले लोगों में सामान्य लोगों की तुलना में धूम्रपान करने की अधिक संभावना होती है। आम लोगों की तुलना में मानसिक समस्याओं वाले धूम्रपान कर रहे लोगों की मौत औसतन 10 से 20 साल पहले हो सकती है।
धूम्रपान से आपको कुछ एंटीसाइकोटिक और एंटी डिप्रेशन दवाइयों की अधिक मात्रा में आवश्यकता हो सकती है क्योंकि धूम्रपान इन दवाओं के काम करने के तरीके में बाधा डालता है।
जो लोग धूम्रपान करते हैं उन्हें पहले से ही डिप्रेशन या चिंता हो सकती है और वे इससे निपटने के लिए निकोटीन का उपयोग करते हैं। वहीं, धूम्रपान से भी आपको डिप्रेशन हो सकता है।
कई अध्ययनों के बाद, नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन ने पाया कि धूम्रपान से डिप्रेशन और चिंता होती है। वहीं डिप्रेशन और चिंता से धूम्रपान की आदत शुरू हो सकती है या धूम्रपान के आदत में बढ़ावा हो सकता है।
यदि आपको डिप्रेशन है, तो आप अकेले नहीं हैं। सिगरेट की लत के बजाए अगर आप डिप्रेशन के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं तो चिकित्सक से बात जरूर करें।
#TobaccoFreeLife